बागपत, दिसम्बर 9 -- खेकड़ा। जिला कारागार में मंगलवार को जैन संत सौम्य सागर महाराज ने बंदियों को आध्यात्मिक प्रवचन देकर जीवन को सकारात्मक दिशा में ले जाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि "सुबह का भूला यदि शाम को घर वापस आ जाए तो वह भूला नहीं कहलाता।" यह संदेश देते हुए उन्होंने बंदियों को प्रेरित किया कि जीवन में की गई गलतियों को सुधारते हुए भविष्य को बेहतर बनाया जा सकता है। जिला कारागार पहुंचे संत सौम्य सागर महाराज का जेल अधीक्षक प्रशांत मौर्य ने स्वागत किया। बंदियों को अपने प्रवचन में महाराजश्री ने कहा कि मनुष्य से भूल होना स्वाभाविक है, लेकिन गलती पर अड़े रहना सबसे बड़ी भूल है। उन्होंने कहा कि बंदी यदि जेल में रहते हुए आत्मचिंतन करें और आगामी जीवन को अपने परिवार की सेवा तथा ईश्वर की भक्ति में लगाएं, तो समाज में सम्मानपूर्वक नया अध्याय शुरू क...