सहरसा, सितम्बर 15 -- सहरसा जिले के नौहट्टा प्रखंड क्षेत्र के शाहपुर गांव का एक दिव्यांग खुद को जिंदा साबित करने के लिए कार्यालयों का चक्कर लगा रहा है। प्रखंड कार्यालय में जिंदा होने का सबूत दे रहे दिव्यांग को कागज में सुधार कराने की बात बताई जा रही है। दिव्यांग आरजू मिश्र ने बताया कि वर्ष 2015 से ही उसे दिव्यांग पेंशन मिल रहा है। जब केवाईसी हो रहा था, तब केवाईसी भी कराया। बावजूद 2022 से पेंशन बंद कर दिया। पहले पेंशन स्थगित करने की बात साइट पर लिख रहा था। चार माह से सत्यापन के बाद मृत पाने के कारण पेंशन बंद करने की चर्चा है। साइट पर देखते ही पेंशनधारी के होश उड़ गये। अब वह अपने आपको जिंदा साबित करने के लिए प्रखंड कार्यालय का दौड़ लगा रहा है। लेकिन, उसमें सुधार नहीं हो रहा है। विभागीय अधिकारियों से बताया कि जिंदा हैं, फिर कैसे उसे मृत बताया...
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