श्रीनगर, नवम्बर 16 -- गंभीर सेप्सिस और बहुअंग विफलता (मल्टिपल ऑर्गन डिसफंक्शन सिंड्रोम) जैसी जानलेवा स्थिति से जूझ रहे गैरसैंण-भराड़ीसैंण स्थित चौरड़ा गांव के तीन माह के मासूम को बेस अस्पताल श्रीनगर के डॉक्टरों ने निःशुल्क इलाज कर नया जीवन दिया है। बच्चे की पल्स नहीं मिलने, हार्ट सामान्य रूप से काम न करने और सांस लेने में अत्यधिक कठिनाई होने से स्थिति बेहद गंभीर थी। डॉक्टरों ने लगातार 10 दिनों तक वेंटिलेटर पर रखकर लगभग 20 दिनों के उपचार के बाद मासूम को पूरी तरह स्वस्थ किया है।बेस अस्पताल में आए गैरसैंण निवासी हरि सिंह नेगी और देवकी देवी ने कहा कि हमारा बच्चा फिर से जी उठा है। बेस अस्पताल की टीम ने जो किया, वह हमारे लिए किसी वरदान से कम नहीं है। उपचार में असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अंकिता गिरी, पीजी जेआर डॉ. पवन तिवारी, डॉ. ज्ञान प्रकाश और वार...
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