पटना, जनवरी 3 -- बिहार में जमीन बंटवारे, दाखिल-खारिज को लेकर अधिकारियों लापरवाही को लेकर डिप्टी सीएम सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय सिन्हा ने सख्त रुख अपना लिया है। उन्होने अधिकारियों और कर्मचारियों को चेतावनी देने के साथ ही विभाग का सिस्टम भी बदल दिया है। डिप्टी सीएम ने कहा है कि भूमि सुधार जनकल्याण संवाद के दौरान आम जनता से प्राप्त आवेदनों का त्वरित और समयबद्ध निष्पादन होगा। बिहार भूमि पोर्टल पर लागू एफआईएफओ (फर्स्ट इन फर्स्ट आउट-पहले आओ, पहले जाओ) व्यवस्था को 31 मार्च तक अस्थायी रूप से स्थगित करने का निर्देश दिया गया है। सरकार की प्राथमिकता है कि जनसंवाद से जुड़े मामलों का समाधान बिना अनावश्यक विलंब के किया जाए। उन्होने कहा कि भूमि से संबंधित मामलों में जाली और कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर खेल अब किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं कि...