लखनऊ, दिसम्बर 10 -- फर्जी नोटरी बनाकर फर्जीवाड़ा करने के मामले में जेल गए वेंडरों ने बड़ा खेल किया था। पुलिस की तफ्तीश में पता चला है कि जालसाजों ने स्कैनिंग कर स्टांप बनाकर फर्जीवाड़ा किया था। जालसाजों के पास से बरामद 350 से अधिक मैनुअल स्टांप में 60 फीसद फर्जी पाए गए हैं। जालसाजों के पास से मैनुअल और ई समेत 883 स्टांप बरामद हुए थे। गाजीपुर थाने के विवेचनाधिकारी दरोगा विश्व दीपक ने इस संबंध में स्टांप एवं निबंधन विभाग व उप निबंधन कार्यालय से ब्योरा मांगा है। पत्राचार कर जानकारी मांगी है कि आरोपी वेंडर सीतानाथ रथ और दीपक सिंह को कितने स्टांप जारी किए गए थे। बरामद स्टांप में से कितने वहां से जारी हुए थे। सीताराम के पास स्टांप वेंडर का लाइसेंस था। बरामद लाइसेंस के लिए भी उपनिबंधन कार्यालय से पत्राचार कर उसकी सत्यता की जानकारी मांगी गई है। ए...