गुमला, फरवरी 19 -- जारी, प्रतिनिधि । परमवीर अलबर्ट एक्का पैतृक गांव जारी आज भी बुनियादी सुविधा पेयजल के लिए तरस रहा है। गांव में बन रही जलमीनार योजना पिछले तीन वर्षों से अधूरी पड़ी है,जबकि यह परियोजना दो वर्षों में पूरी होनी थी। पीएचईडी द्वारा 14 करोड़ 92 लाख रुपये की लागत से जलमीनार निर्माण कराया जाना था, लेकिन ठेकेदार की लापरवाही और विभागीय उदासीनता के कारण आज तक घर-घर पानी नहीं पहुंच पाया है। ग्रामीणों बताते हैं कि निर्माण कार्य की गति बेहद धीमी है और यह योजना अब कछुआ चाल बन चुकी है। स्थिति यह है कि पिछले चार महीनों से जलमीनार का काम पूरी तरह बंद पड़ा है। अब जब गर्मी का मौसम शुरू हो चुका है, तो गांव में जल संकट और गंभीर हो गया है। महिलाओं और बच्चों को रोजाना दूर-दराज के जल स्रोतों से पानी लाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। इतनी बड़ी रा...