कानपुर, मार्च 18 -- साइकिल रिक्शा के विकल्प के तौर पर आए ई-रिक्शा को शुरुआती दौर में काफी सराहना मिली लेकिन जैसे-जैसे ई-रिक्शा की संख्या बढ़ने लगी यह ट्रैफिक पुलिस के लिए परेशानी का सबब बनने लगे। हालांकि इन आरोपों को ई-रिक्शा वेलफेयर एसोसिएशन ने खारिज कर दिया। ई-रिक्शा चालकों ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि सड़क पर पुलिसकर्मी हमेशा हमसे बदसलूकी करते हैं। शहर में जाम के लिए हम ई-रिक्शा चालक जिम्मेदार नहीं है। नगर निगम शहर में जगह-जगह अतिक्रमण हटवा दे तो वाहनों को सड़कों पर चलने के लिए पर्याप्त जगह मिल जाएगी। श्हर में 46,000 से अधिक ई-रिक्शा पंजीकृत हैं। इतने ही ई-रिक्शा अवैध रूप से शहर की सड़कों पर चल रहे हैं। चालकों की मानें तो सड़क जाम के सबब अवैध ई-रिक्शा हैं, जो अनफिट हंै। इन्हें स्क्रैप में कट जाना चाहिए था, पर वह सड़कों पर बेलगाम दौड़ र...
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