मुजफ्फर नगर, नवम्बर 18 -- बुढ़ाना (मुजफ्फरनगर)। ऐतिहासिक कस्बे बुढ़ाना की पहचान अब इसकी तंग गलियों में रेंगते वाहनों और घंटों तक लगे रहने वाले जाम से होने लगी है। कस्बे का हृदय स्थल हो या बाहरी सड़कें, हर जगह जाम का दानव लोगों का कीमती समय और सुकून निगल रहा है। बढ़ता यातायात, व्यापारियों का सड़कों पर फैलता अतिक्रमण और यातायात नियमों को ठेंगा दिखाती पार्किंग की अराजकता ने मिलकर एक ऐसा चक्रव्यूह रच दिया है, जिसमें फंसकर हर निवासी और राहगीर बेहाल है। बुढ़ाना में जाम की स्थिति इतनी गंभीर है कि मिनटों का सफर घंटों में तय हो रहा है। गन्ने के ट्रक और ट्रॉलियों के कारण मिनटों का सफर घंटों में पूरा हो रहा है। आपातकालीन वाहन भी इस जाम के आगे बेबस नजर आते हैं। प्रशासन की सुस्ती और नागरिकों की मजबूरी के बीच बुढ़ाना की सड़कें सिसक रही हैं। कस्बे के मु...