शामली, दिसम्बर 8 -- मोहल्ला ख़ैल स्थित जामिया अरबिया कासिमुल उलूम में छह नन्हें तलबा के हिफ़्ज़-ए-कुरआन की बिस्मिल्लाह बड़ी रौनक और रूहानियत के माहौल में की गई। कार्यक्रम की सरपरस्ती जामिया के मोहतमिम मौलाना सैयद बदरुल हुदा साहब ने फ़रमाई। इस मौके पर मौलाना बदरुल हुदा ने कहा कि "हिफ़्ज़-ए-कुरआन सिर्फ़ एक तालिमी सफ़र नहीं, बल्कि एक मुक़द्दस अमानत है जिसे अल्लाह तआला अपने चुनिंदा बंदों के दिलों में महफ़ूज़ करता है। जामिया की कोशिश है कि यहां ऐसा माहौल तैयार किया जाए जहां बच्चे कुरआन के साथ-साथ उसके आदाब और तालीमात पर भी अमल करना सीखें।" उन्होंने तलबा और उनके वालिदैन को मुबारकबाद देते हुए दुआ की कि अल्लाह तआला इन बच्चों को मुकम्मल हाफ़िज़-ए-कुरआन बनाए और उनकी ज़िंदगी में बरकतें अता फरमाए। जामिया के नायब मोहतमिम मौलाना सैयद मजहरुल हुदा साहब ने...