प्रयागराज, जनवरी 15 -- प्रगतिशील लेखक संघ उप्र की ओर से गुरुवार को ऑनलाइन जूम पर शोकसभा आयोजित की गई। प्रख्यात कवि नरेश सक्सेना की अध्यक्षता में हुई सभा में विनोद कुमार शुक्ल, अवधेश प्रीत, नासिर अहमद सिकंदर व ज्ञानरंजन जैसे महत्वपूर्ण रचनाकारों को याद किया गया और उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। संघ के प्रांतीय कार्यकारी अध्यक्ष व आलोचक प्रो. रघुवंश मणि ने शोक प्रस्ताव रखा तो कथाकार ज्ञानरंजन पर वरिष्ठ आलोचक वीरेंद्र यादव ने अपनी बातें रखी। आलोचक ने कहा कि उनका व्यक्तित्व चुंबकीय था और वे युवाओं को बहुत प्रोत्साहित करते थे। वर्ष 1980 के बाद प्रगतिशील मूल्यों का जब इतिहास लिखा जाएगा तो ज्ञानरंजन को कभी नजरअंदाज नहीं किया जा सकेगा। कथा समीक्षक प्रो. नीरज खरे ने विनोद कुमार शुक्ल को याद करते हुए कहा कि वे कवि के रूप में अधिक जाने जाते हैं। कथाकार क...