बगहा, मार्च 22 -- हरनाटाड़। भीषण गर्मी में पशु-पक्षी और जानवर प्यास बुझाने के लिए लिए पानी की तलाश में परेशान हो जाते हैं। वे पानी के लिए भटकते हैं। वीटीआर के जानवरों पानी की तलाश में पहाड़ों से उतरकर निचले इलाके में पहुंच जाते हैं। ऐसे में वाल्मीकि टाइगर रिजर्व प्रशासन ने जंगल में पहाड़ों समेत ऊंचे व निचले स्तर के साथ ही जानवरों के अधिक संख्या वाले जगहों पर नये सिरे से करीब 50 वाटर हॉल बना रहा है। इससे भीषण गर्मी में भी जंगल के पहाड़ी भागों में बाघ, तेंदुआ, गौर, भालु, सांभर आदि वन्यजीवों को आसानी से पानी उपलब्ध होगा। वीटीआर प्रशासन के अनुसार भीषण गर्मी में वन्यजीव पानी के अभाव में प्यास बुझाने के लिए जंगल से भटककर रिहायशी व शहरी इलाकों की ओर पहुंच जाते हैं। ऐसे में जंगल से सटे रिहायशी इलाकों के लोगों का जीवन खतरे मे पड़ जाता है। वाटर हॉल बन ज...
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