वाराणसी, जून 20 -- वाराणसी। फास्ट ट्रैक कोर्ट के न्यायाधीश मनोज कुमार ने घर में घुसकर प्राणघातक हमले में रामापुरा निवासी गौरव चौबे को दोषी करार दिया। उसे पांच साल का कठोर कारावास और 11 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। एडीजीसी अशोक पाठक के अनुसार वादी हरेंद्र नारायण दीक्षित ने अपनी बहू रागिनी चौबे की फर्जी मेडिकल रिपोर्ट की जांच कराने के लिए जिलाधिकारी के यहां शिकायत की थी। इससे नाराज होकर समधी मुरारी मोहन चौबे और उनके बेटे गौरव चौबे ने 26 सितंबर 2015 को उनके घर में घुसकर बेटे योगेश पर लाठी डंडे से जानलेवा हमला किया। दोनों ने गाली गलौज की और जान से मारने की धमकी भी दी थी। मुकदमे की सुनवाई के दौरान मुरारी मोहन चौबे की मृत्यु हो गई।
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