संतकबीरनगर, मई 2 -- संतकबीरनगर, हिन्दुस्तान टीम। संतकबीरनगर जिले में केंद्र सरकार के द्वारा लिए गए जाति जनगणना के फैसले से अब जातिवार जन गणना की जाएगी। इस गणना से जातियों की आबादी कितनी है सभी का पता चल जाएगा। आजाद भारत में पहली बार जातिवार संख्या सामने आएगी। इस तरह की आखिरी गणना आजादी से पहले 1931 में कराई गई थी। इस जानकारी से सामाजिक और आर्थिक रूप से अहम जानकारी मिलती है। सरकारें जातियों की संख्या पता चलने से कल्याणकारी नीतियां बनाती हैं। जिससे निचले तबके के लोगों को योजनाओं का फायदा मिल सकेगा। 2011 की जनगणना में जिले में दलित आबादी 4.48 लाख थी जो जिले की कुल आबादी का लगभग 22 प्रतिशत है। कई वर्षों से केंद्र की सरकारों से जातिवार जनगणना कराने की मांग होती रही। लेकिन यह जनगणना कराने का निर्णय अभी तक नहीं लिया गया था। पीडीए ने इस जनगणना को...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.