गोपालगंज, जनवरी 9 -- भोरे, एक संवाददाता। स्थानीय थाना परिसर में शुक्रवार को फोरेंसिक लैब की टीम द्वारा जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसका उद्देश्य जनप्रतिनिधियों और आम जनता को फोरेंसिक जांच की उपयोगिता, प्रक्रिया तथा महत्व से अवगत कराना था। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए फॉरेंसिक साइंस के वैज्ञानिक प्रणव राय ने बताया कि घटना के बाद साक्ष्य का वैज्ञानिक तरीके से संग्रह, संरक्षण और विश्लेषण ही फोरेंसिक जांच का मुख्य आधार होता है। खून के धब्बे, फिंगर प्रिंट, डीएनए, सैंपल, हथियार, कपड़े, मोबाइल और डिजिटल साक्ष्य जैसे महत्वपूर्ण साक्ष्यों की वैज्ञानिक जांच से अपराधी तक पहुंचना आसान हो जाता है। आधुनिक दौर में फॉरेंसिक विज्ञान अपराध नियंत्रण और न्यायिक प्रक्रिया का मजबूत आधार बन चुका है। आधुनिक तकनीक के माध्यम से अत्यंत सूक्ष्म साक्ष्य के...