मुंगेर, अक्टूबर 27 -- जमालपुर। निज प्रतिनिधि स्थानीय अमझर पहाड़ी तराई स्थित आनंद सम्भूति मास्टर यूनिटर परिसर में चल रहे तीन दिवसीय 35वें विश्वस्तरीय धर्ममहासम्मेलन के तीसरे दिन रविवार को देश व विदेशों से करीब 12 हजार आनंदमार्गियों व समर्थकों का जन-सैलाब उमड़ पड़ा। आनंदमार्ग प्रचारक संघ के पुरोधा प्रमुख विश्वदेवानंद अवधूत ने प्रभात संगीत मानसाध्यात्मिक ऊर्जा पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि योग की नि:शब्द शांति में स्पंदन नहीं होता, परंतु भक्ति और कीर्तन की ऊर्जावान लहरें ब्रह्मांड तक विस्तृत होती हैं। जहां भाव, भक्ति और प्रेम का उफान होता है, वहीं ईश्वर स्वयं को प्रकट करते हैं। उन्होंने कहा कि जो 'नर' (जल, जीवन, भक्ति) का 'द' (दाता) है, वही सच्चा नारद है। इसलिए सभी श्रद्धालुगण भावपूर्ण कीर्तन एवं प्रभात संगीत के माध्यम से अपने हृदय को आत्मिक ...
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