प्रयागराज, सितम्बर 20 -- इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक आदेश में कहा है कि घरेलू हिंसा कानून के तहत कई घटनाओं में से अंतिम घटना स्थल के मजिस्ट्रेट को शिकायत की सुनवाई करने का क्षेत्राधिकार है। इसी के साथ कोर्ट ने घरेलू हिंसा कानून की धारा 12 की अर्जी पर पत्नी बच्चों को रिहायशी आवास देने या नौ हजार रुपये हर माह गुजारा व चार लाख रुपये एकमुश्त देने के बरेली के सिविल जज के आदेश को सही करार दिया है। कोर्ट ने अपर सत्र न्यायालय के उस आदेश को निरस्त कर दिया, जिसमें कहा गया था कि सिविल जज को पत्नी की शिकायत सुनने का क्षेत्राधिकार ही नहीं था। कोर्ट ने केवल क्षेत्राधिकार का मुद्दा तय किया और पक्षकारों को मजिस्ट्रेट अदालत में अन्य मुद्दे उठाने की छूट दी है। यह आदेश न्यायमूर्ति मदन पाल सिंह ने चरनजीत कौर उर्फ मनप्रीत कुमार की याचिका पर उनकी अधिवक्ता शोभावती ...
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