नई दिल्ली, जुलाई 9 -- नई दिल्ली, कार्यालय संवाददाता। राजधानी में होटलों द्वारा भूजल के अवैध दोहन को लेकर जारी मामले में दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) को बार-बार की टालमटोल महंगी पड़ी है। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने जल बोर्ड के रवैये को गैर-जिम्मेदाराना बताते हुए उस पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। यह रकम एक सप्ताह के भीतर एनजीटी बार एसोसिएशन के सचिव के पास जमा करनी होगी। इस रकम को पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी किताबें खरीदने में खर्च किया जाएगा। यह आदेश एनजीटी अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव और विशेषज्ञ सदस्य डॉ. ए. सेंथिल वेल की पीठ ने पारित किया। यह मामला मूल रूप से साल 2015 में दायर याचिका से जुड़ा है। जिसमें आरोप लगाया गया था कि दिल्ली के कुछ होटल अवैध रूप से भूमिगत जल का दोहन कर रहे हैं। इस पर 23 अगस्त 2018 को एनजीटी ने आदेश...
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