नई दिल्ली, जनवरी 13 -- ईरान में दिसंबर 2025 में शुरू हुए बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शनों के बीच लोग महंगाई, रियाल की गिरती कीमत और आर्थिक संकट के खिलाफ सड़कों पर उतरे हैं, स्थिति तेजी से बिगड़ रही है। ये प्रदर्शन अब पूरे 31 प्रांतों में फैल चुके हैं और सरकार के खिलाफ सबसे बड़ा आंदोलन बन गए हैं। इंटरनेट और टेलीफोन सेवाओं पर 8 जनवरी 2026 से लगाए गए ब्लैकआउट के कारण दुनिया से कटे ईरानियों ने मंगलवार को पहली बार विदेशों में फोन करके अफरा-तफरी भरा माहौल बताया। जली हुई सरकारी इमारतें, तोड़े गए एटीएम, भारी सुरक्षा बलों की मौजूदगी और लोगों की कम आवाजाही जैसी तस्वीरें सामने आई हैं। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि एसएमएस सेवा पूरी तरह ठप है और ईरान में इंटरनेट यूजर्स केवल सरकार द्वारा अनुमोदित स्थानीय वेबसाइटों से जुड़ पा रहे हैं, लेकिन विदेशी वेबसाइ...
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