जमुई, दिसम्बर 8 -- जमुई, हिन्दुस्तान संवाददाता मौसम की बदलती चाल का सबसे अधिक असर किसानों पर पड़ रहा है। रबी फसलों की बुआई के लिए नवंबर के अंत से दिसंबर के पहले सप्ताह तक का समय सबसे उपयुक्त माना जाता था, लेकिन अब ठंड देर से आने के कारण किसान असमंजस में पड़े रहते हैं। इसका असर भी दिख रहा है। अब तक जिले में रबी फसल गेहूं का महज 15 प्रतिशत ही आच्छादन हो सका है। किसान अब 15 दिसम्बर बुआई करने को लेकर बाध्य हैं। जबकि पूर्व के आकलन के अनुसार, अब तक 55 प्रतिशत गेहूं और शत-प्रतिशत दलहन-तेलहन का आच्छादन हो जाना चाहिए था। जिले के कई किसानों का कहना है कि पहले दिसंबर की शुरुआत में सुबह खेतों में ओस की मोटी परत जम जाती थी, जो इस वर्ष नदारद है। मिट्टी में नमी बनाए रखने में मदद करने वाली ओस अब पहले की तुलना में कम पड़ रही है। इस कारण गेहूं, चना, मसूर, सरस...
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