अयोध्या, नवम्बर 21 -- अयोध्या, संवाददाता। काशी हिन्दू विश्वविद्यालय भूविज्ञान विज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो. अरुण देव सिंह ने वैश्विक जलवायु परिवर्तन की वैज्ञानिक पृष्ठभूमि, दीर्घकालिक जलवायु अभिलेखों, समुद्री तलछटों और पेलियोक्लाइमेट अध्ययन के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भूतपूर्व जलवायु परिवर्तनों के भू-वैज्ञानिक प्रमाण आज की जलवायु चुनौतियों को समझने एवं भविष्य की स्थितियों का आंकलन करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यह बातें प्रो. सिंह ने डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विवि के पर्यावरण विज्ञान विभाग में 'विज्ञान ऑफ क्लाइमेट चेंज' विषयक व्याख्यान में कही। प्रो. सिद्धार्थ शुक्ल ने कहा कि शैक्षिक संवाद विवि में पर्यावरणीय जागरूकता और वैज्ञानिक दृष्टिकोण को बढ़ावा देते हैं। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन आज विश्व की सबसे महत्वपूर्ण चुनौ...