पूर्णिया, अक्टूबर 9 -- जलालगढ़, एक संवाददाता।जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों के बीच जिले के कृषि विज्ञान केंद्र जलालगढ़ के प्रक्षेत्र में चल रहे जलवायु अनुकूल कृषि कार्यक्रम ने किसानों के लिए एक नई राह दिखाई है। बुधवार को केंद्र के प्रक्षेत्र में खरीफ मक्का की फसल कटाई का कार्य सफलतापूर्वक चल रहा है, जिसे दीर्घ अवधि के प्रक्षेत्र में उच्च क्यारी विधि द्वारा मशीनों का उपयोग करके लगाया गया था। इस तकनीक की खासियत यह है कि मशीनों से क्यारी बनाकर बीज बोया जाता है, जिससे पौधों की जड़ें मजबूत होती हैं और हवा-पानी का संतुलन बना रहता है। यही वजह है कि खेतों में मक्का की बालियां इस बार कुछ ज्यादा ही भरी-पूरी दिखीं। इस तकनीक की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कृषि वैज्ञानिक डॉ. आतिश सागर ने बताया कि मौजूदा मौसम में किसानों के लिए जल निकासी एक बड़ी चुनौती है...
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