मुजफ्फरपुर, अक्टूबर 24 -- मुजफ्फरपुर। वरीय संवाददाता शहर में बार-बार हो रही मासूमों की मौत से भी जनता के नुमाइंदे नहीं जागे। जलजमाव के निदान का वादा करके भूल गए। नतीजतन, वार्ड संख्या 33 के अंतर्गत बसवारी टोला की बेबसी बरकरार है। उपेक्षा और वादाखिलाफी के दंश से लोग आहत हैं। मन में गुस्सा है पर खामोश हैं। गुरुवार रात एक फीट तक लगे गंदे पानी से होकर घर जा रही बुजुर्ग महिला सबरूल खातून पीड़ा सुनाते हुए नाराजगी जताती हैं। कहती हैं, 'कौन सुनेगा...किसको सुनाएं, इसलिए चुप रहते हैं। हमारे दुख-दर्द से किसी को कोई लेना-देना नहीं है। घर में नाती का जन्म हुआ है। जरूरी काम होने पर पानी के बीच से आना-जाना पड़ता है। इस क्रम में सांप-बिच्छू के साथ ही संक्रमण का भी डर है। क्या करें? दूसरा कोई उपाय नहीं है। बताया कि सालभर पहले मोहल्ले के एक दिव्यांग पिता का...