नई दिल्ली, अक्टूबर 7 -- विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मंगलवार को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के उपयोग से संबंधित मुद्दों से निपटने के लिए एक वैश्विक शासन संरचना की वकालत की। एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जयशंकर ने एआई के जिम्मेदाराना उपयोग की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने तर्क दिया कि भारत जैसे देश के लिए इसका अर्थ है स्वदेशी उपकरणों का विकास, नवप्रवर्तकों के लिए स्व-मूल्यांकन प्रोटोकॉल और प्रासंगिक दिशानिर्देश स्थापित करना। उन्होंने कहा कि अब विभिन्न समाजों ने एआई के लाभों और जोखिमों पर अलग-अलग स्तर पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि लेकिन यह जरूरी है कि हम एक संतुलित दृष्टिकोण अपनाएं। विदेश मंत्री ने कहा कि हमारे दैनिक जीवन को आधार प्रदान करने वाली संस्थाओं और प्रथाओं में विश्वास खोने के खतरे के प्रति सावधानी बरतने का आह्वान किया। जयशंकर ने ...
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