गिरडीह, जनवरी 12 -- गिरिडीह। झामुमो संस्थापक दिशोम गुरू शिबू सोरेन की 83वीं जयंती पर रविवार को पार्टी कार्यालय में कार्यक्रम किया गया। जिसमें बढ़े सर्दी को देखते हुए जरुरतमंदों में कंबल और पैकेट भोजन बांटे गए। इसके पूर्व नेताओं ने गुरूजी की तस्वीर पर माल्यार्पण किया और उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। राज्यसभा सांसद डॉ. सरफराज अहमद ने कहा कि शिबू सोरेन आजीवन अन्याय के खिलाफ लड़ते रहे। उनके पिताजी भी महाजनों के खिलाफ लडे और शहीद हो गए। जिलाध्यक्ष संजय सिंह ने कहा कि गुरूजी ने जल, जंगल, जमीन और आदिवासी अस्मिता की लड़ाई में अपना जीवन न्यौछावर कर दिया। वह केवल झारखंड के निर्माता ही नहीं बल्कि शोषित पीड़ित समाज की आवाज भी थे। झारखंडी अस्मिता के प्रतिक थे। उन्होंने महाजनी प्रथा और सूदखोरी के खिलाफ लड़ाई लड़ी और महाजनी प्रथा से मुक्ति दिल...