नई दिल्ली।, अगस्त 7 -- जम्मू-कश्मीर की चार राज्यसभा सीटें फरवरी 2021 से खाली हैं। इसने एक संवैधानिक सवाल को जन्म दिया है जिसके लिए राष्ट्रपति का परामर्श मांगा जा सकता है। इसका कारण यह है कि वहां हाल के वर्षों में लगातार आपातकाल लगने के कारण उच्च सदन में प्रतिनिधित्व प्रभावित हुआ है। सभी चार राज्यसभा सांसद अपने छह वर्ष के कार्यकाल पूरा करने के बाद एक साथ रिटायर हो गए। अनुच्छेद 83 में निर्धारित रोटेशन के अनुसार हर दो वर्ष में ऐसा होना था। पंजाब और दिल्ली की सीटों का मामला भी यही है, जहां सभी राज्यसभा सदस्य हर दो वर्ष में सेवानिवृत्त होने के बजाय एक साथ रिटायर हो रहे हैं। चुनाव आयोग भी इस मुद्दे पर दुविधा में है। इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, जल्द ही राष्ट्रपति से इस मामले पर परामर्श मांगा जा सकता है। आपको बता दें कि अनुच्छेद 143 के...
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