नई दिल्ली, सितम्बर 11 -- जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख हाईकोर्ट ने अनंतनाग जिले में जेल में बंद एक व्यक्ति की हिरासत रद्द कर दी। दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिला निवासी इम्तियाज अहमद गनी को गलती से मिलते-जुलते नाम वाले किसी अन्य व्यक्ति की जगह हिरासत में ले लिया गया था। न्यायमूर्ति मोक्ष खजूरिया काज़मी की पीठ ने उनकी निवारक हिरासत रद्द कर दी। रिकॉर्ड की समीक्षा करने पर हाईकोर्ट ने पाया कि प्राथमिकी गनी से संबंधित नहीं, बल्कि इम्तियाज अहमद वानी से संबंधित थी। अदालत ने कहा कि इस गलती के कारण हिरासत अवैध और अमान्य हो गई। गनी द्वारा दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनवाई करते हुए, न्यायमूर्ति काजमी ने हिरासत प्राधिकारी की गलती का बचाव करने के लिए आलोचना की और कहा कि यह आदेश स्पष्ट रूप से विवेक का प्रयोग न करने को दर्शाता है।
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