भागलपुर, जुलाई 12 -- प्रस्तुति : संजय बर्णवाल कहते हैं कि गरीबी और पिछड़ापन दूर करना है तो शिक्षा का उजियारा फैला दो। शिक्षित समाज ही देश के विकास का नींव रख सकता है। वह चाहे बीहड़ का इलाका हो या फिर गोलियों के गूंज का। शिक्षा के हथियार से हक किसी को पस्त किया जा सकता है। सवाल यह भी है कि अगर शिक्षा के संसाधन ना हो तो यहां की प्रतिभाएं कभी भी विकास का राह पर सरपट फर्राटा नहीं भर सकेंगी। यह कहानी है जमुई जिला ही नहीं, राज्य के नक्शे में कभी लाल क्षेत्र के रूप में कुख्यात रहे झाझा प्रखंड के जंगलों पहाड़ों से घिरे बाराकोला पंचायत की और वहां के उत्क्रमित मध्य विद्यालय दुढ़रवा की। सरकार ने लाल क्षेत्र रहे गांवों को विकसित करने का संकल्प लिया था। इसके लिए शिक्षा का स्तर बढ़ाने पर जोर दिया गया था। शैक्षिक एवं आधारभूत संरचनाओं का विकास करने के लिए ...
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