भागलपुर, दिसम्बर 29 -- चन्द्रमंडीह, निज संवाददाता हिन्दू धर्म शास्त्रों के अनुसार प्रत्येक महीने के कृष्णपक्ष एवं शुक्लपक्ष के एकादसी का अलग अलग महत्व बताया गया है। सनातन धर्म में पौष मास के शुक्लपक्ष की एकादसी को पुत्रदा एकादसी के नाम से जाना जाता है। जिसमे नाम के अनुरूप हीं फल की प्राप्ति होती है। उक्त बातें हेठचकाई निवासी पण्डित अनिल मिश्रा ने कही। श्री मिश्रा ने बताया कि पौष मास के शुक्लपक्ष में पड़ने वाली एकादसी का बहुत ज्यादा हैं महत्व माना गया है, जैसा कि नाम से ही स्प्ष्ट है। पौराणिक कथाओं में मान्यता है कि इस ब्रत को विधि विधान से करने पर साधक को सन्तान का सुख प्राप्त होता है, जो इस बार पंचांग के अनुसार दिनांक 30 दिसम्बर दिन मंगलवार को मनाया जाएगा। एकादसी से जुड़े कथाओं के अनुसार जो भी साधक पूरे विधि विधान से पुत्रदा एकादसी ब्रत कर...