गिरडीह, नवम्बर 24 -- जमुआ, प्रतिनिधि। रविवार को जमुआ प्रखंड क्षेत्र के कई गांवों में पारंपरिक सूर्याही पूजा पूरे आस्था, उल्लास और भक्ति के साथ संपन्न हुई। सूर्योपासना पर आधारित यह लोकपर्व सदियों से जमुआ क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। आज भी इस परंपरा को उसी निष्ठा और श्रद्धा के साथ निभाया जाता है, जैसा पूर्वजों के समय में किया जाता था। ग्रामीणों ने बताया कि सूर्याही पूजा मुख्य रूप से अगहन और माघ महीने में मनाई जाती है। इसकी विशेषता यह है कि इसमें भगवान सूर्य को अर्ध्य अर्पित किया जाता है ठीक उसी भक्ति भाव से जैसे छठ पर्व में। रविवार सुबह विभिन्न गांवों में महिलाएं और पुरुष पूजा स्थलों पर एकत्रित हुए तथा नदी, तालाब और कुंडों में स्नान कर सूर्य देव को जल अर्पित किया। इस लोकपर्व की एक अनूठा पहलू यह भी है कि धार्मिक अ...