सुपौल, दिसम्बर 13 -- सुपौल, अरविंद कुमार शिक्षा विभाग की ओर से एमडीएम संचालित स्कूलों में पोषण वाटिका लगाकर उसमें उपजाई जैविक सब्जियां बच्चों को मध्याह्न भोजन में दिये जाने का निर्देश दिया गया था। जिन विद्यालयों में जमीन की उपलब्धता थी, वहां जमीन पर ही पोषण वाटिका लगाई जानी थी, जहां जमीन नहीं थी उन स्कूलों की छतों पर वाटिका लगाए जाने का निर्देश था। शिक्षा विभाग की इस योजना का उद्देश्य बच्चों को पोषणयुक्त सब्जियां उपलब्ध कराना था। इसके लिए एमडीएम संचालित स्कूलों में पांच-पांच हजार रुपए प्रति स्कूल की दर से भुगतान भी किया गया था। साथ ही एक शिक्षक को उसकी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। लेकिन विभागीय उदासीनता की वजह से शिक्षा विभाग की यह महती योजना विफल साबित हो रही है। दरअसल, अधिकांश जिलों में मध्याह्न भोजन योजना संचालित स्कूलों में इसको लेकर गंभीर...
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