बरेली, फरवरी 14 -- वर्ष 2021 से 2026 तक प्रशासन द्वारा जमीन न उपलब्ध कराए जाने की वजह से क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल ब्लॉक और एकीकृत जन स्वास्थ्य प्रयोगशाला परियोजना बरेली से फिसलकर लखनऊ पहुंच गई है। इसका खुलासा सांसद नीरज मौर्य द्वारा लोकसभा में पूछे गए प्रश्न के जवाब में हुआ है। समाजवादी पार्टी से आंवला सांसद नीरज मौर्य के सवाल के जवाब में स्वास्थ्य राज्य मंत्री ने संसद में जानकारी दी कि उत्तर प्रदेश में प्रस्तावित 75 एकीकृत जन स्वास्थ्य प्रयोगशालाओं और 74 क्रिटिकल केयर ब्लॉकों में बरेली के हिस्से की परियोजना भूमि उपलब्ध न होने के कारण दूसरे जिले को दे दी गई। इससे साफ है कि प्रशासनिक लापरवाही ने जिले को बड़ी स्वास्थ्य सुविधा से वंचित कर दिया। दरअसल, तराई क्षेत्र में मलेरिया, डेंगू, जापानी इंसेफेलाइटिस, स्क्रब टाइफस और लेप्टोस्पाइरोसिस जैसी स...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.