रांची, जनवरी 29 -- रांची, संवाददाता। फर्जी पावर ऑफ अटॉर्नी के जरिए जमीन हड़पने से जुड़े 11 साल पुराने मामले में आरोपी राजकुमार सिंह को कोर्ट से राहत नहीं मिली। न्यायायुक्त अनिल कुमार मिश्रा-1 की अदालत ने डिस्चार्ज याचिका खारिज करने के आदेश के खिलाफ दाखिल क्रिमिनल रिवीजन याचिका को खारिज कर दिया। अदालत ने जेएमएफसी-21 द्वारा 2 अगस्त 2025 को पारित आदेश को सही ठहराते हुए कहा कि केस डायरी में आरोप तय करने के लिए पर्याप्त प्रथमदृष्टया सामग्री उपलब्ध है। मामला बरियातू थाना से जुड़ा है। आरोप है कि फर्जी पावर ऑफ अटॉर्नी के जरिए जमीन पर कब्जा कर मैरिज हॉल का संचालन किया गया। पुलिस जांच के बाद राजकुमार सिंह और एक अन्य आरोपी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई थी। अदालत ने सुप्रीम कोर्ट के कई निर्णयों का हवाला देते हुए स्पष्ट किया कि इस स्तर पर मिनी ट्रायल ...