कानपुर, जनवरी 15 -- जमीअत उलमा ए हिंद ने ऐलान किया कि वह मेराजुन्नबी के तीन दिवसीय जलसे को इस्लाहे मआशरा (समाज सुधार) को समर्पित करेगी। 16 जनवरी से परेड पर होने वाले इस जलसे में 17 और 18 जनवरी को पति-पत्नी प्रशिक्षण सत्र में सास-बहू, ननद-भाभी के मतभेद, घरेलू हिंसा, तलाक और पारिवारिक टूटन जैसे गंभीर मुद्दों का व्यावहारिक और सकारात्मक समाधान पेश किया जाएगा। जमीअत कार्यालय में पत्रकारों से रूबरू जमीअत के महासचिव मौलाना अमीनुल हक अब्दुल्ला कासिमी, जिला अध्यक्ष डॉ. हलीमुल्लाह कासिमी, मौलाना मोहम्मद अकरम जामई, मौलाना नूरुद्दीन अहमद कासिमी और जुबैर अहमद फारुकी ने बताया कि समाज सुधार को एक आंदोलन के रूप में लेकर सुधार के प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि कुरआन और सुन्नत की रोशनी में घरेलू रिश्तों की दरार को पाटने और इसे मजबूत बनाने के लिए देश ...