नई दिल्ली, जुलाई 5 -- भारत पर मुगलों ने करीब 200 साल तक राज किया। लेकिन आज का दिन मुगल इतिहास में एक काला अध्याय की तरह गिना जाता है। आज के दिन यानी 5 जुलाई 1658 को औरंगजेब ने अपने बड़े भाई मुराद बख्श को बंदी बनाकर दिल्ली की गद्दी की ओर एक और कदम बढ़ाया। यह घटना मुगल सल्तनत के उत्तराधिकार संग्राम का हिस्सा थी, जो शाहजहां के बीमार पड़ने के बाद शुरू हुआ। चार भाइयों दारा शिकोह, शाह शुजा, औरंगजेब और मुराद बख्श के बीच सत्ता की इस लड़ाई में औरंगजेब की चालाकी और क्रूरता ने उसे सबसे आगे रखा।साजिश के तहक मुराद को किया कैद औरंगजेब ने मुराद को सहयोगी बनाकर शुरू में उसका समर्थन हासिल किया। दोनों ने मिलकर आगरा में दारा शिकोह को हराया था। लेकिन औरंगजेब को मुराद की महत्वाकांक्षा और लोकप्रियता खतरे की घंटी लगी। 5 जुलाई 1658 को मथुरा के पास मुराद को नशे क...
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