एटा, फरवरी 8 -- अवागढ़, भले ही कार्यक्षेत्र, व्यवस्थाएं अलग-अलग हों। राष्ट्रहित को हिंदू समाज, राष्ट्रवादियों को एकजुट होना होगा। जब-जब हिंदू समाज कमजोर पड़ा, तब-तब देश को विभाजन का सामना करना पड़ा है। कस्बा के विमलादेवी महाविद्यालय में आयोजित विराट हिन्दू सम्मेलन में यह उदगार कथावाचक एवं मीशेश्वर धाम महंत आचार्य डॉ. विनीतानंद महाराज ने व्यक्त किये। रविवार को हुए हिन्दू सम्मेलन में मुख्य वक्ता विभाग प्रचारक कुलदीप ने कहा कि राष्ट्रहित में संगठित होकर कार्य करने से ही समृद्धि और सशक्त भारत का निर्माण संभव है। उन्होंने अराजक शक्तियों के षड्यंत्रों से सतर्क रहने की अपील भी की। विशिष्ट अतिथि कुसुम पांडेय ने कहा कि अपनी प्राचीन सभ्यता और शिक्षा व्यवस्था से विमुख होकर पाश्चात्य संस्कृति अपनाने के कारण समाज में असंतुलन पैदा हुआ है। उन्होंने कहा क...