रांची, मई 13 -- रांची। न्यायिक दंडाधिकारी अभिनव की अदालत ने रंगदारी वसूलने और जबरदस्ती कैद में रखने से जुड़े 14 साल पुराने मामले में ट्रायल फेस कर रहे आरोपी सुभाष सिंह और सौरव सिंह उर्फ लाल सौरव नाथ शाहदेव को पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया है। बचाव पक्ष के अधिवक्ता जितेंद्र कुमार ने बताया कि मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से सूचक अमित किरण अस्थाना, आईओ सरयू आनंद समेत तीन की गवाही दर्ज कराई गई थी। लेकिन, घटना को साबित नहीं किया जा सका। घटना को लेकर डोरंडा (अरगोड़ा) थाना में 18 अप्रैल 2011 को उक्त दोनों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। आरोप था कि दोनों आरोपियों ने रंगदारी नहीं देने पर जबरदस्ती कैद में रखे हुए था।
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