मुजफ्फरपुर, अगस्त 6 -- मुजफ्फरपुर, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि। सावन शुक्ल पक्ष पुत्रदा एकादशी के अवसर पर गोला रोड स्थित बाबा कमलेश्वरनाथ शिव मंदिर में भागवत कथा का आयोजन किया गया। बाल संत पीयूष गिरी ने कहा कि जबतक हृदय में विषय अनुराग है, तबतक भगवान कभी दिखाई नहीं देंगे। उन्होंने कहा कि श्रावण मास का अपना विशेष महत्व है। इसी मास में पुत्रदा एकादशी पड़ता है। इस दिन श्रद्धा पूर्वक पुत्रदा एकादशी की कथा श्रवण की जाए तो अनंत फल की प्राप्ति होती है। बाल संत ने भागवत पुराण के तृतीय स्कंध की कथा विस्तार से सुनाई। कैसे दुर्योधन द्वारा अपमानित किए जाने पर भी विदुर जी को क्रोध नहीं आया और उन्होंने राज महल का त्याग कर दिया। कैसे राजा महिजीत ने पूर्व जन्म में एक गाय को पानी पीने से रोक दिया था, जिसके फल स्वरूप उन्हें कोई संतान नहीं हुआ।

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