उरई, नवम्बर 17 -- उरई। प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्रों में तमाम आवश्यक और गंभीर रोगों की दवाओं की अनुपलब्धता से मरीज को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। औषधि केंद्र पर गंभीर रोगों की दवा ना मिलने पर मेडिकल स्टोर से 4 से 5 गुना महंगी महंगी दवा खरीदने को मरीज मजबूर हो रहे हैं। मरीज को सस्ती और अच्छी दवा उपलब्ध कराने के उद्देश्य जिले में सबसे पहले जन औषधि केंद्र वर्ष 2018 में जिला पुरुष अस्पताल में खोला गया था। इसके बाद राजकीय मेडिकल कॉलेज जालौन के अलावा जिला महिला अस्पताल के साथ अब सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और तमाम स्थानों पर दो दर्जन से अधिक प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र संचालित हैं। बाजार के मेडिकल स्टोर की अपेक्षा जन औषधि केंद्र से मरीजों को चार गुना तक सस्ती दवा उपलब्ध होती है। वहीं प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र में यूरिन की समस्या पर ...