बिजनौर, अगस्त 17 -- जन्माष्टमी पर भगवान श्री कृष्ण के भक्तों ने उन्हें अपने-अपने खास तरीके से सजाया। बनारस, मथुरा और वृंदावन की पारंपरिक शैली में बनी पोशाकों ने बाजार की रौनक बढ़ाई। जरी, साटन, वेलवेट और जरदोजी की कारीगरी वाली इन पोशाकों ने भक्तों को खूब आकर्षित किया। बाजार में लड्डू गोपाल के लिए पोशाकों के साथ-साथ कई तरह के विशेष सामान भी आए। इनमें भगवान के केश, स्नान के लिए छोटे टब, दर्पण, कंघा और उन्हें नजर से बचाने के लिए नजरिया भी शामिल है। इसके अलावा, कड़े, कुंडल और पायल भी खरीदे गए। भगवान के मुकुट भी कई तरह के हैं, जैसे मोर मुकुट, मेटल जरी के मुकुट, दवका वर्क वाले मुकुट और पत्ता मुकुट। मूर्ति को और मनमोहक बनाने के लिए फूल के हार, रेशम और मोती के हार, साथ ही जरकन और साटन के हार भी उपलब्ध हैं। इस साल, भगवान के लिए बिस्तर और मच्छरों से ब...
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