मथुरा, दिसम्बर 1 -- श्रीकृष्ण जन्मभूमि के भागवत भवन में सोमवार को मोक्षदा एकादशी पर बड़े हर्षोल्लास से गीता जयंती महोत्सव का भव्य आयोजन किया। प्रातः 10 बजे मंगलध्वनि, वैदिक मंत्रोच्चार एवं पुष्पार्चन से उत्सव आरंभ हुआ। स्वर्ण मंडित श्रीमद्भागवत के सान्निध्य में वैदिक विधि से श्रीमद्भगवद्गीता पूजन एवं अभिषेक हुआ। श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान के सचिव कपिल शर्मा ने बताया कि देश-विदेश के हजारों श्रद्धालुओं ने इस उत्सव में भाग लिया। गीता के कर्म, भक्ति और ज्ञान तीनों मार्गों की महत्ता बताते हुए उन्होंने कहा कि गीता आज भी विश्वशांति का सबसे बड़ा मार्गदर्शक है। सदस्य गोपेश्वरनाथ चतुर्वेदी ने कहा कि गीता जैसे महाभारत काल में प्रासंगिक थी, आज भी उतनी महत्वपूर्ण है। मानव जीवन में शांति तभी संभव है जब अहम एवं ममत्व के भाव से ऊपर उठकर श्रीकृष्ण क...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.