नई दिल्ली, दिसम्बर 15 -- नए साल की शुरुआत के साथ ही टेलीविजन खरीदना उपभोक्ताओं के लिए महंगा हो सकता है। उद्योग से जुड़े सूत्रों के अनुसार, जनवरी से टीवी की कीमतों में तीन से चार प्रतिशत तक की बढ़ोतरी होने की संभावना है। इसकी मुख्य वजह मेमोरी चिप्स की वैश्विक कमी और डॉलर के मुकाबले रुपये का कमजोर होना है। हाल ही में रुपया पहली बार 90 रुपये प्रति डॉलर के स्तर को पार कर गया, जिससे आयात पर निर्भर इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग पर अतिरिक्त दबाव बना है। टीवी उद्योग के लिए स्थिति इसलिए भी चुनौतीपूर्ण है क्योंकि एक एलईडी टीवी में घरेलू सामान लगभग 30 प्रतिशत ही होता है। ओपन सेल, सेमीकंडक्टर चिप्स, मदरबोर्ड और अन्य अहम कंपोनेंट्स का आयात किया जाता है। रुपये में गिरावट के चलते इन आयातित हिस्सों की लागत बढ़ रही है, जिसका सीधा असर टीवी की कुल कीमत पर पड़ रहा ह...