भभुआ, जनवरी 16 -- ग्रामीणों द्वारा प्रशासनिक अफसरों व जनप्रतिनिधियों से गुहार लगाने पर भी पोखरे का नहीं किया जा सका कायाकल्प राजा सूरजभान सिंह ने भगवानपुर में कराई थी चतुर्भुजीनाथ पोखरे की खुदाई कभी चावल-दाल पकाने और पीने के उपयोग में आता था इस पोखरे का पानी (पेज चार की बॉटम खबर) भगवानपुर, एक संवाददाता। ऐतिहासिक चतुर्भुजीनाथ पोखरे का जीर्णोंद्धार कराना जनप्रतिनिधियों के लिए चुनौती बन गया है। इसके जीर्णोंद्धार के लिए ग्रामीणोंं ने जनप्रतिनिधियों व अफसरों से गुहार लगाई, पर इस दिशा में ठोस पहल नहीं हुई। लघु सिंचाई विभाग ने प्राक्कलन तैयार कराने की बात कही थी, पर यह काम भी नहीं हो सका। जल जीवन हरियाली के तहत जलस्रोतों का जीर्णोंद्धार और सौंदर्यीकरण करना है। लेकिन, इस ऐतिहासिक पोखरे के लिए कुछ नहीं होगा भगवानपुर के वृद्धजनों सिपाही पांडेय मनमौ...
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