संभल, जनवरी 13 -- जनपद संभल में आवारा कुत्तों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। शहर हो या ग्रामीण क्षेत्र हर जगह कुत्तों के झुंड खुलेआम घूमते नजर आते हैं और कभी भी राहगीरों, बच्चों व बुजुर्गों पर हमला कर देते हैं। बीते दो वर्षों में कुत्तों के हमले से करीब सात से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। इसके बावजूद प्रशासन और नगर निकायों की उदासीनता सवालों के घेरे में है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार जिलेभर में प्रतिदिन 80 से 90 लोग कुत्तों के काटने का शिकार हो रहे हैं। जिला अस्पताल में रोजाना 15 से 20 लोग एंटी रैबीज इंजेक्शन लगवाने पहुंचते हैं। इसके अलावा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर भी बड़ी संख्या में पीड़ित इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। इसके बावजूद कुत्तों की बढ़ती संख्या को नियंत्रित करने के लिए कोई ठोस कदम न...