अररिया, नवम्बर 8 -- फारबिसगंज बस स्टैंड के पास नुक्कड़ पर बनी चाय की दुकान पर चुनावी चर्चा दुकान में बैठे हर शख्स के पास राजनीति का अपना अलग-अलग अनुभव और दृष्टिकोण अंजनी गौतम फारबिसगंज, एक संवाददाता। फारबिसगंज बस स्टैंड के पास नुक्कड़ पर बनी चाय की दुकान पर चुनावी चर्चा इन दिनों चरम पर है। कोई अपनी पसंद का उम्मीदवार बता रहा है, तो कोई नेताओं की अदला-बदली पर तंज कस रहा है। दुकान में बैठे हर शख्स के पास राजनीति का अपना अलग-अलग अनुभव और दृष्टिकोण है, लेकिन एक बात पर सबकी राय एक है अब राजनीति विचारों और सेवा की नहीं, हार-जीत के गणित की हो गई है। फारबिसगंज बाजार के गणेश पासवान कहते हैं अब राजनीति जनसेवा नहीं, जीत का गणित बन गई है। पार्टियां टिकट वहीं देती हैं, जहां से उन्हें सीट पक्की दिखे। चाहे उम्मीदवार का चरित्र कैसा भी हो,बस जीतने की संभावना...