नई दिल्ली, जनवरी 26 -- माघ मेले में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के शिष्य बटुक ब्राह्मणों को चोटी पकड़कर पीटे जाने और यूजीसी के नए नियमों के खिलाफ 26 जनवरी को बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट पद से इस्तीफा देने वाले पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री ने जमकर अपना गुस्सा व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि इस समय न जनतंत्र है, न गणतंत्र है, यह भ्रमतंत्र है। आगे की रणनीति के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि इस समय सामान्य वर्ग मानसिक रूप से पूरी तरह अलग हो चुका है। अलंकार अग्निहोत्री ने कहा कि पिछले दो सप्ताह के घटनाक्रम यदि देखेंगे तो मौनी अमावस्या के स्नान में ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद जी महाराज के बटुक शिष्यों के साथ चोटी या शिखा पकड़कर, जो ब्राह्मण समाज का जो सांस्कृतिक-धार्मिक प्रतीक है, उसका मान मर्दन किया गया। जो वीडियो साम...
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