दुमका, नवम्बर 13 -- दुमका जनजातीय गौरव दिवस पर सतन आश्रम धधकिया दुमका द्वारा संचालित राम गोपाल शर्मा गुरूकुलम में सभी छात्र-छात्राओं को झारखंड की जनजातियों उसके परंपराओं उनकी जीवनशैली इत्यादी का संक्षिप्त इतिहास और परिचय विशिष्ट समाजसेवी एंव इतिहासविद डा. प्रोफेसर राजकिशोर हांसदा द्वारा कराया गया। इस अवसर डा. हांसदा ने गुरूकुलम के सभी आचार्य एंव आचार्या और सभी छात्र -छात्राओं को झारखंड की जनजातियों के विषय में बताते हुए कहा कि झारखंड में कुल 30-35 प्रकार के जनजाति एंव भारत देश में लगभग 705 प्रकार की जनजाति निवास करती है। उन्होंने संथाल जनजाति के विषय में बताते हुए कहा कि यह जनजाति भारत की तीसरी सबसे बड़ी जनजाति है और इनकी उत्पति पिलचु हड़ाम और पिलचु बूढ़ी से भूमपेडमहादेव की कृपा द्वारा हुई। उन्होंने आगे कहा कि संथल जनजाति शुरूआत से परतंत्...