देहरादून, अप्रैल 30 -- पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल 'निशंक ने जनगणना में जातिगत गणना को शामिल करने के केंद्र सरकार के निर्णय को ऐतिहासिक करार देते हुए स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि इस निर्णय को सामाजिक न्याय, समावेशन और लोकतांत्रिक उत्तरदायित्व की दिशा में एक अत्यंत आवश्यक और दूरगामी कदम बताया। डॉ. निशंक ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने यह सिद्ध कर दिया है कि उसकी प्रतिबद्धता केवल शासन तक सीमित नहीं, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय और अवसर पहुंचाने के लिए संकल्पबद्ध है। कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों ने जातिगत जनगणना जैसे गंभीर विषय को वर्षों तक नज़रअंदाज़ किया और केवल राजनैतिक विमर्श तक सीमित रखा, जिससे करोड़ों वंचित और पिछड़े वर्ग नीति निर्माण में उचित प्रतिनिधित्व से वंचित रहे।
हिंदी हिन्...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.