फतेहपुर, नवम्बर 17 -- फतेहपुर। प्रधानमंत्री जनऔषधि योजना का उद्देश्य आम लोगों को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाएं उपलब्ध कराना है, लेकिन जिले में संचालित 18 जनऔषधि केंद्रों की हालात इससे बिल्कुल उलट हैं। हल्की खांसी-जुकाम और बुखार की कुछ सामान्य दवाओं को छोड़ दें, तो अधिकांश केंद्रों पर गंभीर बीमारियों जैसे मधुमेह, हृदय रोग, रक्तचाप, थायराइड, किडनी, अस्थमा, न्यूरोलॉजी और स्त्री रोग संबंधी दवाएं तक उपलब्ध नहीं मिलतीं। हालत यह है कि केंद्रों पर सन्नाटा रहता है और मरीजों को महंगी ब्रांडेड दवाएं खरीदने पर मजबूर होना पड़ रहा है। इसके लिये एक हद तक डाक्टर भी जिम्मेदार हैं। वह जनऔषधि केंद्रों में मिलने वाली दवा पर्चे में लिखते ही नहीं है। शहर में जिला अस्पताल सहित कई जनऔषधि केंद्र खुले हैं। लोग यहां पर पहुंचते तो हैं, लेकिन आवश्यक दवा न मिलने पर उन्...