नई दिल्ली, जुलाई 21 -- वकीलों का 'मीलॉर्ड' या 'माय लॉर्डशिप' कहकर संबोधित करना न्यायाधीशों को रास नहीं आ रहा है। इसका ताजा उदाहरण पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट से आया है, जहां चीफ जस्टिस ने ऐसे संबोधन पर आपत्ति जता दी। खास बात है कि पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने अप्रैल 2011 में एक प्रस्ताव के जरिए सदस्यों से जजों को 'सर' कहने की अपील की थी। द ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार, हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश एक मामले की सुनवाई कर रहे थे। उस दौरान एक वकील ने उन्हें 'योर लॉर्डशिप' कहा। इसपर जज ने उन्हें टोका और कहा, 'नहीं, नहीं। सारे लॉर्डशिप ने साल 1947 में इस भारतीय तट को छोड़ दिया था। हम या तो सर है या योर ऑनर हैं। बस इतना ही पर्याप्त है।' खास बात है कि पहले भी कई जज आपत्ति जता चुके हैं। न्यायाधीशों को 'मीलॉर्ड' या 'योर लॉर्डशिप' कहकर स...
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