नई दिल्ली, नवम्बर 21 -- देश के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) बी.आर. गवई ने शुक्रवार को कहा कि उन्होंने जज के पद को कभी भी शक्ति के रूप में नहीं बल्कि राष्ट्र की सेवा का जरिया माना है। उन्होंने कहा कि मेरा यह मानना कि हर पद, देश की सेवा का एक अवसर है और मैंने यही करने की कोशिश की। सीजेआई गवई सुप्रीम कोर्ट द्वारा उन्हें विदाई देने के लिए आयोजित सेरेमोनियल बेंच को संबोधित कर रहे थे। अपने आखिरी कार्य दिवस पर सीजेआई गवई ने कहा कि कैसे एक अधिवक्ता से जज बनने के उनके सफर ने कानून और न्याय के कभी न खत्म होने वाले सागर के प्रति उनकी समझ को भी बढ़ाया। उन्होंने कहा कि मैं इस मौके पर आप सभी का शुक्रिया अदा करना चाहूंगा। जस्टिस गवई ने कहा कि 1985 में जब मैं इस पेशे से जुड़ा था तो मैं कानून के छात्र के रूप में आया था और अब न्याय के छात्र के तौर पर विदा ले र...
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